‘हर शब्द में मिठास है इसकी, संस्कृति की यह परछाई है। भारत की मिट्टी से जन्मी, यह भाषा सबको भाई है।’

‘हर शब्द में मिठास है इसकी, संस्कृति की यह परछाई है। भारत की मिट्टी से जन्मी, यह भाषा सबको भाई है।’

१३ सितंबर २०२५ व १५ सितंबर २०२५ को पार्ले टिलक विद्यालय असोसिएशनके अंग्रेजी माध्यम प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए वर्ष १९५३ से पूरे भारत में प्रतिवर्ष १४ सितंबर को ‘हिंदी कार्यक्रम में हिंदी शिक्षिका कुमारी राधिका गुप्ता द्वारा हिंदी भाषा के महत्व व उन्नति तथा हमारी राष्ट्रीय पहचान को संरक्षित करने में हिंदी की भूमिका को भाषण के रूप में दर्शाया गया।
उन्होंने बताया कि १४ सितंबर १९४९ को संविधान सभा ने यह निर्णय लिया कि हिंदी केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा होगी। इसी निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिंदी को प्रत्येक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए वर्ष १९५३ से पूरे भारत में प्रतिवर्ष १४ सितंबर को ‘हिंदी दिवस’; के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, हजारी प्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविंददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेंद्र सिंह ने अथक प्रयास किए। कार्यक्रम की शुरुआत श्री व्यौहार राजेंद्र सिंह जी को माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर की गई जिनका जन्म दिवस १४ सितंबर ‘हिंदी दिवस’के रूप में मनाया जाता है। हिंदी दिवस के कार्यक्रम में कक्षा पाँचवी, छठी व सातवीं के विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया । हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिसमें कक्षा सातवीं के विद्यार्थियों द्वारा’; चलित दूर भाषित यंत्र की लत'(Mobile Addiction) तथा ‘जल संरक्षण’ जैसे विषयों के प्रति जागरूक करने हेतु नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए। कक्षा छठी के विद्यार्थियों के द्वारा हिंदी के महान रचनाकारों व उपन्यासकारों जैसे मुंशी प्रेमचंद, महादेवी वर्मा तथा मीराबाई की वेशभूषा प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई। कक्षा पाँचवी की छात्रा कुमारी शेख दानिया व कक्षा छठी की छात्रा कुमारी ठाकूर पूर्णिमा द्वारा हिंदी के सम्मान को दर्शाती कविता प्रस्तुत की गई।
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय के शिक्षक वर्ग के लिए ‘संगीत पहेली’ एवं हिंदी हस्तलेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिनके विजेताओं को प्रमाण पत्र द्वारा सम्मानित किया गया।
संगीत शिक्षक श्री श्रीकृष्ण चव्हाण व कक्षा आठवीं के छात्रों द्वारा हिंदी भाषा के प्रति प्रेम को दर्शाते हुए गीत ‘हिंद की हिंदी है पहचान’; प्रस्तुत किया गया। इसी के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

 
 
 
 
 

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